भूषण (हिन्दी कवि) - विकिपीडिया भूषण के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज दया के सागर हैं। वे शरणागत पर दया करते थे। उन्होंने अपने सैनिकों को स्त्रियों व बच्चों को तंग
भूषण का जीवन परिचय | हिन्दवी 'शिवा-बावनी' में कुल 52 छन्द हैं। कवित्त और छप्पय में रचित यह एक मुक्तक रचना है। इस ग्रंथ में शिवाजी के प्रताप, रण-प्रस्थान, युद्ध, तलवार
भूषण (कवि) - विकिसूक्ति भावार्थ:- शिवाजी की सेना के झंडों के फहराने से और हाथियों के गले में बंधे हुए घण्टों की आवाजों से देश-देश के राजा-महाराजा पल भर भी न ठहर
भूषण का साहित्यिक परिचय – Edudepart पन्ना नरेश छत्रसाल से भी भूषण का संबंध रहा। वास्तव में भूषण केवल छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रसाल इन दो राजाओं के ही सच्चे प्रशंसक
छत्रसाल प्रताप व्याख्या - कवि भूषण वीर शिवाजी द्वारा निर्मित दुर्गों की विशालता का वर्णन करते हुए कहते हैं। जो कोई भी दुर्ग को देखता है उसकी पगड़ी
भूषण (हिन्दी कवि) - हिंदी विकिया भूषण के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज दया के सागर हैं। वे शरणागत पर दया करते थे। उन्होंने अपने सैनिकों को स्त्रियों व बच्चों को तंग
भूषण परिचय - कविता कोश कहा जाता है कि भूषण कवि मतिराम और चिंतामणी के भाई थे। एक दिन भाभी के ताना देने पर उन्होंने घर छोड़ दिया और कई आश्रम में गए। यहां आश्रय